कैंसर से बचने के उपाय खोजने से बेहतर है इस से बचा ही जाये क्योंकि ये एक गंभीर बीमारी है जिस से बचने के लिए हमे कुछ अधिक नहीं करना होता है जबकि ऐसा होता है जब मैं किसी को गुटके या अन्य तम्बाकू के Product न use करने को कहता हूँ तो उल्टा मुझे सुननी पड़ती है कि " फलाने ने तो पूरी जिन्दगी खाया उसे तो कुछ नहीं हुआ " | तो भाई आप किसी और की बात क्यों करते है खुद की करिए न ? और असल में ऐसा इसलिए है कि आज के मुकाबले पहले के लोग हमसे कंही अधिक मेहनत वाली और मुश्किल जिन्दगी जीते थे इसलिए " उनका रोग प्रतिरोधक सिस्टम" भी तो मजबूत था जबकि आज के विलासिता पूर्ण जिन्दगी में ऐसा नहीं है चलिए हम कैंसर के बारे में और उस से बचने के लिए कुछ अहम् बातों पर नजर डालते है | आप भी मेरी तरह ये कह सकते है कि अब तो ये बीमारी आम है और बदलती जीवनशैली या खानपान का ही दुष्प्रभाव है चाहे कितना ही संयम वाली जिन्दगी जी लो लेकिन सच्चाई यही है कि हम अगर अपनी जिन्दगी में छोटी छोटी बातों का ध्यान रखे तो बड़ी आसानी से कैंसर जैसी भयावह बीमारी से बच सकते है | कैंसर के तेजी से फैलने की वजह – ...
एक व्यक्ति आफिस में देर रात तक काम करने के बाद थका-हारा घर पहुंचा . दरवाजा खोलते ही उसने देखा कि उसका छोटा सा बेटा सोने की बजाय उसका इंतज़ार कर रहा है . अन्दर घुसते ही बेटे ने पूछा —" पापा , क्या मैं आपसे एक प्रश्न पूछ सकता हूँ ?" " हाँ -हाँ पूछो , क्या पूछना है ?" पिता ने कहा . बेटा – " पापा , आप एक घंटे में कितना कमा लेते हैं ?" " इससे तुम्हारा क्या लेना देना …तुम ऐसे बेकार के सवाल क्यों कर रहे हो?" पिता ने झुंझलाते हुए उत्तर दिया .बेटा – " मैं बस यूँ ही जाननाचाहता हूँ . प्लीज बताइए कि आप एक घंटे में कितना कमाते हैं ?" पिता ने गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए कहा , नहीं बताऊंगा , तुम जाकर सो जाओ "यह सुन बेटा दुखी हो गया …और वह अपने कमरे में चला गया . व्यक्ति अभी भी गुस्से में था और सोच रहा था कि आखिर उसके बेटे ने ऐसा क्यों पूछा ……पर एक -आधघंटा बीतने के बाद वह थोडा शांत हुआ ,फिर वह उठ कर बेटे के कमरे में गया और बोला , " क्या तुम सो रहे हो ?", "नहीं " जवाब आया . " मैं सोच रहा था कि शायद मैंने बेकार में ही तुम्ह...
22 अप्रैल 2016 को पूरे विश्व में पृथ्वी दिवस मनाया गया. वर्ष 2016 के विश्व पृथ्वी दिवस का थीम वाक्य 'ट्री फॉर द अर्थ' (Trees for the Earth) है. संबंधित मुख्य तथ्य: • पृथ्वी दिवस को पहली बार सन् 1970 में मनाया गया था. • इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना है. • पृथ्वी के पर्यावरण के बारे में प्रशंसा और जागरूकता को प्रेरित करने के लिए पृथ्वी दिवस मनाया जाता है. • पृथ्वी दिवस की स्थापना सन् 1970 में अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन के द्वारा एक पर्यावरण शिक्षा के रूप में की गयी, और इसे कई देशों में प्रतिवर्ष मनाया जाता है. • पृथ्वी दिवस की तारीख उत्तरी गोलार्द्ध में वसंत ऋतु और दक्षिणी गोलार्द्ध में शरद ऋतु का मौसम है. • संयुक्त राष्ट्र में पृथ्वी दिवस को हर साल मार्च एक्विनोक्स (वर्ष का वह समय जब दिन और रात बराबर होते हैं) पर मनाया जाता है, यह दिन अक्सर 20 मार्च का दिन होता है, यह एक परम्परा है जिसकी स्थापना शांति कार्यकर्ता जॉन मक्कोनेल के द्वारा की गयी थी.
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