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👌🏽👌🏽💐💐 एक पान वाला था। जब भी पान खाने जाओ ऐसा लगता कि वह हमारा ही रास्ता देख रहा हो। हर विषय पर बात करने में उसे बड़ा मज़ा आता। कई बार उसे कहा की भाई देर हो जाती है जल्दी पान लगा दिया करो पर उसकी बात ख़त्म ही नही होती। एक दिन अचानक कर्म और भाग्य पर बात शुरू हो गई। तक़दीर और तदबीर की बात सुन मैनें सोचा कि चलो आज उसकी फ़िलासफ़ी देख ही लेते हैं। मैंने एक सवाल उछाल दिया। मेरा सवाल था कि आदमी मेहनत से आगे बढ़ता है या भाग्य से? और उसके जवाब से मेरे दिमाग़ के सारे जाले ही साफ़ हो गए। कहने लगा,आपका किसी बैंक में लाकर तो होगा? उसकी चाभियाँ ही इस सवाल का जवाब है। हर लाकर की दो चाभियाँ होती हैं। एक आप के पास होती है और एक मैनेजर के पास। आप के पास जो चाभी है वह है परिश्रम और मैनेजर के पास वाली भाग्य। जब तक दोनों नहीं लगतीं ताला नही खुल सकता। आप कर्मयोगी पुरुष हैं ओर मैनेजर भगवान। अाप को अपनी चाभी भी लगाते रहना चाहिये। पता नहीं ऊपर वाला कब अपनी चाभी लगा दे। कहीं ऐसा न हो की भगवान अपनी भाग्यवाली चाभी लगा रहा हो और हम परिश्रम वाली चाभी न लगा पायें और ताला खुलने से ...

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अमेरिका की बात हैं. एक युवक को व्यापार में बहुत नुकसान उठाना पड़ा. उसपर बहुत कर्ज चढ़ गया, तमाम जमीन जायदाद गिरवी रखना पड़ी . दोस्तों ने भी मुंह फेर लिया, जाहिर हैं वह बहुत हताश था. कही से कोई राह नहीं सूझ रही थी. आशा की कोई किरण दिखाई न देती थी. एक दिन वह एक park में बैठा अपनी परिस्थितियो पर चिंता कर रहा था. तभी एक बुजुर्ग वहां पहुंचे. कपड़ो से और चेहरे से वे काफी अमीर लग रहे थे. बुजुर्ग ने चिंता का कारण पूछा तो उसने अपनी सारी कहानी बता दी. बुजुर्ग बोले -" चिंता मत करो. मेरा नाम John D. Rockefeller है. मैं तुम्हे नहीं जानता,पर तुम मुझे सच्चे और ईमानदार लग रहे हो. इसलिए मैं तुम्हे दस लाख डॉलर का कर्ज देने को तैयार हूँ." फिर जेब से checkbook निकाल कर उन्होंने रकम दर्ज की और उस व्यक्ति को देते हुए बोले, "नौजवान, आज से ठीक एक साल बाद हम ठीक इसी जगह मिलेंगे. तब तुम मेरा कर्ज चुका देना." इतना कहकर वो चले गए. युवक shocked था. Rockefeller तब america के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक थे. युवक को तो भरोसा ही नहीं हो रहा था की उसकी लगभग सारी मुश्किल ...

Wow.....

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■ नीम का तेल + कपूर =   (All Out) तथा मोर्टीन का बाप 😀 ●==================● ★ (All Out) की केमिकल वाली खाली रिफिल आपको आपने घर में मिल जायेगी ! अब बाजार से आपको दो चीज लानी है एक तो नीम का तेल और कपूर ! ★ खाली रिफिल में आप नीम का तेल डाले और थोड़ा सा कपूर भी डाल दे और रिफिल को मशीन में लगा दे पूरी रात मच्छर नही आयेगे ! ★ जब एक प्राकृतिक तरीके से मच्छरो से छुटकारा मिल जाए तो पेस्टीसाइड का जहर अपने जिंदगी मे क्यो घोल रहे है ! ★ मच्छर भगाने वाली क्वायल 100 सिगरेट के बराबर नुकसान करती है ! तो सावधान रहिए मच्छर भगाने का सबसे सस्ता, टिकाऊ, आसान और देसी तरीका है पैसे और स्वास्थ्य दोनों की बचत है ! 【नीम का तेल 1 लीटर 250 का व 100 ग्राम असली कपूर केवल 100 रूपए का मिलता है 】 जिससे गुडनाईट की शीशी 25 बार भर सकती है ! यानि केवल 14 - 15 रूपए में बिना नुक्सान वाली गुडनाईट रिफिल तैयार ! 💝【नोट : ज़्यादा मच्छर हों तो सोने जाने से पहले केवल नीम के तेल का दिया जलाएँ

Wow yaar

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रुई का गद्दा बेच कर मैंने इक दरी खरीद ली, ख्वाहिशों को कुछ कम किया मैंने और ख़ुशी खरीद ली । सबने ख़रीदा सोना मैने इक सुई खरीद ली, सपनो को बुनने जितनी डोरी ख़रीद ली । मेरी एक खवाहिश मुझसे मेरे दोस्त ने खरीद ली, फिर उसकी हंसी से मैंने अपनी कुछ और ख़ुशी खरीद ली । इस ज़माने से सौदा कर एक ज़िन्दगी खरीद ली, दिनों को बेचा और शामें खरीद ली । शौक-ए-ज़िन्दगी कमतर से और कुछ कम किये, फ़िर सस्ते में ही "सुकून-ए-ज़िंदगी" खरीद ली । 🌹👣मुस्कुराया करो👣🌹 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 जब भी करो बात 😊मुस्कुराया करो 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 जैसे भी रहो, 😃खिलखिलाया करो 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 जो भी हो दर्द, 😔सह जाया  करो 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 ज्यादा हो दर्द तो ☝अपनों से कह जाया करो 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 जीवन एक नदी है, 🏊 तैरते जाया करो 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 ऊँच नीच होगी राह में, 🏂बढ़ते जाया करो 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 अपनापन यहाँ महसूस हो तो 👣👣चले आया करो । 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 बहुत सुंदर है यह संसार, 🌹सुंदर और बनाया करो 🐾👣🌹👣🐾🌹🐾👣 इसलिए,जब भी करो बा...

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अमेरिका की बात हैं. एक युवक को व्यापार में बहुत नुकसान उठाना पड़ा. उसपर बहुत कर्ज चढ़ गया, तमाम जमीन जायदाद गिरवी रखना पड़ी . दोस्तों ने भी मुंह फेर लिया, जाहिर हैं वह बहुत हताश था. कही से कोई राह नहीं सूझ रही थी. आशा की कोई किरण दिखाई न देती थी. एक दिन वह एक park में बैठा अपनी परिस्थितियो पर चिंता कर रहा था. तभी एक बुजुर्ग वहां पहुंचे. कपड़ो से और चेहरे से वे काफी अमीर लग रहे थे. बुजुर्ग ने चिंता का कारण पूछा तो उसने अपनी सारी कहानी बता दी. बुजुर्ग बोले -" चिंता मत करो. मेरा नाम John D. Rockefeller है. मैं तुम्हे नहीं जानता,पर तुम मुझे सच्चे और ईमानदार लग रहे हो. इसलिए मैं तुम्हे दस लाख डॉलर का कर्ज देने को तैयार हूँ." फिर जेब से checkbook निकाल कर उन्होंने रकम दर्ज की और उस व्यक्ति को देते हुए बोले, "नौजवान, आज से ठीक एक साल बाद हम ठीक इसी जगह मिलेंगे. तब तुम मेरा कर्ज चुका देना." इतना कहकर वो चले गए. युवक shocked था. Rockefeller तब america के सबसे अमीर व्यक्तियों में से एक थे. युवक को तो भरोसा ही नहीं हो रहा था की उसकी लगभग सारी मुश्किल ...
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मानव-जीवन पाकर भी, भगवत्प्राप्ति का उद्देश्य समझकर भी मनुष्य दिग्भ्रमित क्यों रहता है? क्या जीवन उसे उसकी इच्छा से प्राप्त हुआ है? अमुक वंश या अमुक जाति में जन्म पाना मनुष्य के बस की बात नहीं है| फिर क्यों न मनुष्य जहाँ प्रभु की इच्छासे जीवन जीने का स्थान मिला, उसे ही अपनी कर्मभूमि समझ अपने योग्यतानुसार प्रभु कार्य में लगाकर अपना जीवन सफल करने का प्रयास करे| मनुष्य को जो कुछ भगवान ने दिया है उसके प्रति आभार ब्यक्त करने की अपेक्षा जो नहीं मिला उसे लेकर वह चिंतित तथा दु:खी रहता है| भौतिक सुख-साधनों को सर्वोपरि समझ कर परमार्थ को भूल जाता है| अपने जिम्मे आये कार्यों को करना नहीं चाहता| केवल भोग भोगना चाहता है, कितनी बड़ी मूर्खता करता है| एक किसान हल चलाता और खेत की मिटटी को नरम कर उसमें बीज डालता है| उसके पश्चात् प्राकृत या परमात्मा के अनुग्रह से फसल होती है तथा फल भी प्राप्त होता है| यदि भाग्य में नहीं होता तो वर्षा न होने या कम होने से लाभसे वंचित भी रह जाता है| मगर यदि मेहनत नहीं करेगा, बीज नहीं बोएगा तो कितनी ही अच्छी वर्षा से फल लाभ दायक नहीं हो सकता | ईश्वर की सहायता भी तभी फली भूत ह...

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किसी गांव में एक गरीब ब्राहमण रहता था| वह लोगों के घरों में पूजा पाठ कर के अपनी जीविका चलाता था| एक दिन एक राजा ने इस ब्राहमण को पूजा के लिए बुलवाया| ब्राहमण ख़ुशी ख़ुशी राजा के यहाँ चला गया | पूजा पाठ करके जब ब्राहमण अपने घर को आने लगा तो राजा ने ब्राहमण से पूछा इश्वर कहाँ रहता है, किधर देखता है और क्या करता है? ब्राहमण कुछ सोचने लग गया और फिर राजा से कहा, महाराज मुझे कुछ समय चाहिए इस सवाल का उत्तर देने के लिए| राजा ने कहा ठीक है, एक महीने का समय दिया| एक महीने बाद आकर इस सवाल का उत्तर दे जाना | ब्राहमण इसका उत्तर सोचता रहा और घर की ओर चलता रहा परन्तु उसके कुछ समझ नहीं आरहा था| समय बीतने के साथ साथ ब्राहमण की चिंता भी बढ़ने लगी और ब्राहमण उदास रहने लगा| ब्रह्मण का एक बेटा था जो काफी होशियार था उसने अपने पिता से उदासी का कारण पूछा | ब्राहमण ने बेटे को बताया कि राजा ने उस से एक सवाल का जवाब माँगा है कि इश्वर कहाँ रहता है;किधर देखता है,ओर क्या करता है ? मुझे कुछ सूझ नहीं रहा है| बेटे ने कहा पिताजी आप मुझे राजा के पास ले चलना उनके सवालों का जवाब मै दूंगा| ठीक एक महीने बाद ब्राह्मण अपने बे...