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🌹🌹 *दिल को छूने वाली घटना* 🌹🌹

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🌹🌹 *दिल को छूने वाली घटना* 🌹🌹 एक बुजुर्ग आदमी बुखार से ठिठुरता और भूखा प्यासा शिव मंदिर के बाहर बैठा था तभी वहां पर नगर के सेठ अपनी सेठानी के साथ एक बहुत ही लंबी और मंहगी कार से उतरे उनके पीछे उनके नौकरों की कतार थी एक नौकर ने फल पकडे़ हुए थे दूसरे नौकर ने फूल पकडे़ थे तीसरे नौकर ने हीरे और ज़वाहरात के थाल पकडे़ हुए थे चौथे नौकर ने पंडित जी को दान देने के लिए मलमल के 3 जोडी़ धोती कुरता पकडे़ हुए थे और पांचवें नौकर ने मिठाईयों के थाल पकडे़ थे पंडित जी ने उन्हें आता देखा तो दौड़ के उनके स्वागत के लिए बाहर आ गए बोले आईये आईये सेठ जी, आपके यहां पधारने से तो हम धन्य हो गए सेठ जी ने नौकरों से कहा जाऔ तुम सब अदंर जाके थाल रख दो हम पूजा पाठ संपन्न करने के बाद भगवान शिव को सारी भेंट समरपित करेंगें बाहर बैठा बुजुर्ग आदमी ये सब देख रहा था उसने सेठ जी से कहा मालिक दो दिनों से भूखा हूं थोडी़ मिठाई और फल मुझे भी दे दो खाने को सेठ जी ने उसकी बात को अनसुना कर दिया बुजुर्ग आदमी ने फिर सेठानी से कहा, ओ मेम  साहब थोडा़ कुछ खाने को मुझे भी दे दो मुझे भूख से चक्कर आ रहे हैं सेठानी चिढ़ के बोली बाबा, ये...

जाने सैनिक से बाबा बने हरभजन सिंह के बारे में

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सिक्किम से सटी भारत-चीन सीमा पर एक सैनिक ऐसा भी है जो मौत के 48 साल बीत जाने के बाद आज भी सरहद की रक्षा कर रहा है।  जी हां, सुनने में बात ज़रूर हैरत में डालने वाली है लेकिन यह सच है।   चौंकाने वाली बात तो यह है कि इस मृत सैनिक की याद में एक मंदिर भी बनाया गया है जो लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन गया है और यहां रोज़ाना बड़ी संख्या में लोग इनके दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं।   यहां बात हो रही है सिक्किम की राजधानी गंगटोक में जेलेप्ला दर्रे और नाथुला दर्रे के बीच बने 'बाबा हरभजन सिंह' मंदिर की। लगभग 13 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर में बाबा हरभजन सिंह की एक फोटो और उनका सामान रखा हुआ है। दरअसल, बाबा हरभजन सिंह कोई साधू-महात्मा नहीं थे जिनपर यहां मंदिर बनाया गया है, बल्कि हरभजन सिंह भारतीय सेना के जवान हुआ करते थे जिनकी एक हादसे में मौत हो गई थी।   3 अगस्त, 1941 को पंजाब के कपूरथला में जन्मे इस सिपाही की मौत 11 सितम्बर,1968 को हुई थी।  माना जाता है कि यह सैनिक यह जांबाज़ सैनिक अपनी मौत के बाद आज भी देश की सरहद की रक्षा कर रहा है। इस सिपाही को अब लोग 'कैप्टन बाबा हरभजन ...

✨जीत पक्की है✨

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✨जीत पक्की है✨ कुछ करना है, तो डटकर चल, थोड़ा दुनियां से हटकर चल, लीक पर तो सभी चल लेते है, कभी इतिहास को पलटकर चल, बिना काम के मुकाम कैसा ? बिना मेहनत के, दाम कैसा ? जब तक ना हाँसिल हो मंज़िल तो राह में, राही आराम कैसा ? अर्जुन सा, निशाना रख, मन में, ना कोई बहाना रख ! लक्ष्य सामने है, बस उसी पे अपना ठिकाना रख !! सोच मत, साकार कर, अपने कर्मो से प्यार कर ! मिलेगा तेरी मेहनत का फल, किसी ओर का ना इंतज़ार कर !! जो चले थे अकेले उनके पीछे आज मेले है ... जो करते रहे इंतज़ार उनकी जिंदगी में आज भी झमेले है। 

एक 60 वर्षीय महिला ने अचानक ही मंदिर जान

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एक 60 वर्षीय महिला ने अचानक ही मंदिर जाना छोड़कर स्विमिंग सीखने जाना शुरू कर दिया ! किसी ने कारण पूछा तो महिला ने बताया कि अक्सर मेरे बेटे और बहू का झगड़ा होता रहता है और बहू हमेशा पूछती रहती है कि अगर तुम्हारी माँ और मैं दोनो पानी में डूब रहे हों तो तुम पहले किसे बचाओगे ! मैं अपने बेटे को किसी धर्मसंकट में नही डालना चाहती इसीलिये मैंने स्विमिंग सीख ली ! कुछ दिनों बाद फिर से पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ और पत्नी ने फिर वही बात पूछी कि अगर तुम्हारी माँ और मैं डूब रहे होंगे तो तुम किसे पहले बचाओगे ? पति ने जवाब दिया मुझे पानी में उतरने की जरूरत ही नही पड़ेगी क्योंकि मेरी माँ ने स्विमिंग सीख ली है, वो तुम्हे बचा लेगी ! पत्नी ने हार नही मानी और बोली नही-नही तुम्हे पानी में कूदकर हम दोनों में से किसी एक को तो बचाना ही पड़ेगा ! पति ने जवाब दिया फिर तो पक्का तुम ही डूबोगी क्योंकि मुझे तो तैरना आता नही और मेरी माँ हम दोनों में से 100% मुझे ही बचायेगी ! 😁😂🤣😜😛 

तरूण सागर जी महाराज के कहे कुछ पंक्तियों के अँश

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तरूण सागर जी महाराज के कहे कुछ पंक्तियों के अँश ‬: सफलता के 20  मँत्र " 👏 👏1.खुद की कमाई  से कम           खर्च हो ऐसी जिन्दगी           बनाओ..! 👏2. दिन  मेँ कम  से कम            3 लोगो की प्रशंसा करो..! 👏3. खुद की भुल स्वीकारने          biेँ कभी भी संकोच मत            करो..! 👏4. किसी  के सपनो पर  हँसो            मत..! 👏5. आपके पीछे खडे व्यक्ति            को भी कभी कभी आगे            जाने का मौका दो..! 👏6. रोज हो सके तो सुरज को            उगता हुए देखे..! 👏7. खुब जरुरी हो तभी कोई           चीज उधार लो..! 👏8. किसी के पास  से  कुछ            जानना हो तो विवेक  से            दो बार...पुछो..! 👏9. कर्ज और शत्रु को कभी            बडा मत होने दो..! 👏10. ईश्वर पर पुरा भरोसा              रखो..! 👏11. प्रार्थना करना कभी              मत भुलो,प्रार्थना मेँ              अपार शक्ति होती है..! 👏12. अपने काम  से मतलब              रखो..! 👏13. समय सबसे ज्यादा              कीमती है, इसको फालतु              कामो  मेँ खर्च मत करो.. 👏14. जो आपके पास है, उसी              मेँ खुश रहना सिखो.....

वाह रे मानव तेरा स्वभाव

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वाह रे मानव तेरा स्वभाव.... ।। लाश को हाथ लगाता है तो नहाता है ... पर बेजुबान जीव को मार के खाता है ।। 😊😊😊😊😊😊 यह मंदिर-मस्ज़िद भी क्या गजब की जगह है दोस्तो. जंहा गरीब बाहर और अमीर अंदर 'भीख' मांगता है.. 😔विचित्र दुनिया का कठोर सत्य..👌👌 😊😊😊😊😊😊        बारात मे दुल्हे सबसे पीछे       और दुनिया  आगे चलती है मय्यत मे जनाजा आगे         और दुनिया पीछे चलती है..            यानि दुनिया खुशी मे आगे           और दुख मे पीछे हो जाती है..! 😊😊😊😊😊😊😊 अजब तेरी दुनिया गज़ब तेरा खेल मोमबत्ती जलाकर मुर्दों को याद करना और मोमबत्ती बुझाकर जन्मदिन मनाना... Wah re duniya !!!!! ✴ लाइन छोटी है,पर मतलब बहुत बड़ा है ~ उम्र भर उठाया बोझ उस कील ने ... और लोग तारीफ़ तस्वीर की करते रहे .. 〰〰〰〰〰〰 😊😊😊😊😊😊😊 ✴  पायल हज़ारो रूपये में आती है, पर पैरो में पहनी जाती है और..... बिंदी 1 रूपये में आती है मगर माथे पर सजाई जाती है इसलिए कीमत मायने नहीं रखती उसका कृत्य मायने रखता हैं. 😊😊😊😊😊😊😊 〰〰〰〰〰〰 ✴  एक किताबघर में पड़ी गीता और कुरान आपस में कभी नहीं लड़ते, और जो उनके लिए लड़ते हैं वो कभी उन ...

एक अफ्रीकी पर्यटक ऐसे शहर मे आया जो शहर उधारी में डूबा हुआ था।

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एक अफ्रीकी पर्यटक ऐसे शहर मे आया जो शहर उधारी में डूबा हुआ था। पर्यटक ने 1000/- रुपया होटल (जिसमे छोटा सा रेस्टोरेंट भी था) के काउंटर पर रखे और कहा मैं जा रहा हूँ कमरा पसंद करने। होटल का मालिक फ़ौरन भागा कसाई के पास और उसको 1000/- रुपया देकर मटन मीट का हिसाब चुकता कर लिया। कसाई भागा गोट फार्म वाले के पास और जाकर बकरों का हिसाब पूरा कर लिया। गोट फार्म वाला भागा बकरों के चारे वाले के पास और चारे के खाते में 1000/-रुपया कटवा आया। चारे वाला गया उसी होटल पर। वो वहां कभी कभी उधार में रेस्टोरेंट मे खाना खाता था। 1000/- रुपया देके हिसाब चुकता किया। पर्यटक वापस आया और यह कहकर अपना 1000/- रुपया ले गया कि उसे कोई रूम पसंद नहीं आया। न किसी ने कुछ लिया न किसी ने कुछ दिया सबका हिसाब चुकता। बताओ गड़बड़ कहाँ है ? कहीं गड़बड़ नहीं है बल्कि यह सभी की गलतफहमी है कि रुपये हमारे है। खाली हाथ आये थे, खाली हाथ ही जाना है। विचार करें और जीवन का आनंद लें।